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एक छोटी लड़की महाकाव्य का लोकार्पण
इंदौर. एक छोटी लड़की यह 7456 पंक्तियों में समाहित विश्व का सबसे लंबाा महाकाव्य हैं. यह बाबा और पोती के प्रेम पर आधारित है और छपने से पूवे ही वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स लंदन में दर्ज हो चुका है.
वर्तमान परिवेश में जब छोटे और एकल परिवार हमारी संस्कृति और जीवन जीने की कला को, बुजुर्गों के सम्मान और अपनत्व को दरकिनार कर रहे हैं। यह कृति एक छोटी लडकी संयुक्त परिवार और बुजुर्गों की महत्ता तथा आपसी प्रेम की ताकत को पुनस्र्थापित करती है. यह हिन्दू संस्कृति एवं पीढिय़ों के बीच पलते प्रेमबल का ज्वलंत उदाहरण हैं.
लेखक आलोक शर्मा की यह अठारहवी रचना है. जब इस पुस्तक का लोकार्पण हुआ, 500 से ज्यादा दादा-दादी. नाना-नानी, पोते-पोतियां और नाती-नातिन उपस्थित रहे. इस प्रकार इस पुस्तक ने अपने लोकार्पण के समय पहली और तीसरी पीढ़ी की एक साथ अधिकतम उपस्थिति दर्ज कर एक नया और दूसरा विश्व रिकार्ड बनाया.
बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड्स लंदन के अध्यक्ष संतोष शुक्ला द्वारा लेखक आलोक शर्मा को विश्व रिकार्ड का प्रमाण पत्र दिया. साथ ही संध्या प्रकाशन के साथ संयुक्त रूप से तैयार किए गए प्रमाण पत्र भी लोकार्पण में मौजूद सभी ग्रैन्ड पैरेन्ट्स एवं नाती-पोतों को प्रदान किए गए जिन्होंने अपनी हाजिरी से एक नया विश्व रिकार्ड बनाने में सहयोग दिया.
आयोजन में गौजूद लगभग 200 बच्चों को बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड लंदन द्वारा वल्र्ड रिकार्ड मेडल उपहार स्वरूप दिए गए. संध्या प्रकाशन द्वारा सभी बच्चों को दो किताबों का सेट उपहार स्वरूप दिया गया. कार्यक्रम के अतिथिगण शहर की वरिष्ठ शिक्षाविद श्रीमती अंजुश्री मुखर्जी और वर्ल्ड रिकॉडर््स लंदन के अध्यक्ष संतोष शुक्ला थे.
दोनों ने ही अपने उद्बोधन में संयुक्त परिवार की महत्ता एवं ताकत को समझाया. संचालन अजितेश शर्मा ने किया. इस लोकार्पण की खास बात यह रही कि पुस्तक के लोकार्पण हेतु 5 से ज्यादा पोते-पोतियां मंच पर उपस्थित हुए.
उनमें 2 वर्षीय अक्षिता शर्मा भी शामिल थी जो एक पोती है और जिसके ऊपर ही यह महाकाव्य एक छोटी लड़की लिखा गया है.


